Shiva Thandava Stotram – शिवताण्डवस्तोत्र

Jai Shiva Shankara जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्यलम्बितां भुजंगतुंगमालिकाम्‌। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चंडतांडवं तनोतु नः शिवः शिवम ॥1॥ Jatatavee gala jjala pravaha pavitha sthale, Gale avalabhya lambithaam bhujanga thunga malikaam, Dama ddama dama ddama Continue Reading

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यक्ष प्रश्न – परिणाम

पढ़े:- यक्ष प्रश्न – प्रस्तावना यक्ष प्रश्न – भाग (क) यक्ष प्रश्न – भाग (ख)   यक्ष उवाच। व्याख्यातः पुरुषो राजन्यश्च सर्वधनी नरः। तस्मात्त्वमेकं भ्रातृणां यमिच्छसि स जीवतु ॥ यक्ष Continue Reading

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यक्ष प्रश्न – भाग (ख)

भीेमसेन उस स्थान पर गये, जहाँ वे पुरुषसिंह तीनों भाई पृथ्वी पर पड़े थे। उन्हें उस अवस्था में देखकर भीमसेन को बड़ा दुःख हुआ। इधर प्यास भी उन्हें बहुत कष्ट Continue Reading

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यक्ष प्रश्न – भाग (क)

युधिष्ठिर जो की बुद्धिमानों में श्रेष्ठ थें अपने बुद्धि के बल पर यह पता कर लिया की उनके भाइयों की मृत्यु असहज नहीं हैं ये अवश्य ही दैविक हैं और Continue Reading

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यक्ष प्रश्न – प्रस्तावना

ये संवाद श्रीमान यक्ष (धर्म मूर्तिमान) और महाराज युधिष्ठिर के मध्य हुआ था जो की अत्यंत शूक्ष्म ज्ञान से परिपूर्ण हैं एवं सभी के लिए उपयोगी हैं । जब यक्ष Continue Reading

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