यक्ष प्रश्न – भाग (ख)

भीेमसेन उस स्थान पर गये, जहाँ वे पुरुषसिंह तीनों भाई पृथ्वी पर पड़े थे। उन्हें उस अवस्था में देखकर भीमसेन को बड़ा दुःख हुआ। इधर प्यास भी उन्हें बहुत कष्ट Continue Reading

Posted On :

यक्ष प्रश्न – भाग (क)

युधिष्ठिर जो की बुद्धिमानों में श्रेष्ठ थें अपने बुद्धि के बल पर यह पता कर लिया की उनके भाइयों की मृत्यु असहज नहीं हैं ये अवश्य ही दैविक हैं और Continue Reading

Posted On :

यक्ष प्रश्न – प्रस्तावना

ये संवाद श्रीमान यक्ष (धर्म मूर्तिमान) और महाराज युधिष्ठिर के मध्य हुआ था जो की अत्यंत शूक्ष्म ज्ञान से परिपूर्ण हैं एवं सभी के लिए उपयोगी हैं । जब यक्ष Continue Reading

Posted On :