यक्ष प्रश्न – भाग (क)

युधिष्ठिर जो की बुद्धिमानों में श्रेष्ठ थें अपने बुद्धि के बल पर यह पता कर लिया की उनके भाइयों की मृत्यु असहज नहीं हैं ये अवश्य ही दैविक हैं और इसका संबंध जल के सरोवर से ही हैं और इसलिए वे स्वंय ही जल में प्रवेश करते हैं तभी बगुला रूपी यक्ष उनके सामने अवतरित […]

यक्ष प्रश्न – प्रस्तावना

ये संवाद श्रीमान यक्ष (धर्म मूर्तिमान) और महाराज युधिष्ठिर के मध्य हुआ था जो की अत्यंत शूक्ष्म ज्ञान से परिपूर्ण हैं एवं सभी के लिए उपयोगी हैं । जब यक्ष रूपी धर्म ने महाराज पाण्डु के सभी पुत्र – भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव को मार डाला (मूर्क्षित) तब स्वंय युधिष्ठिर जल के लिए उस […]